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Wednesday, 19 December 2018

EVM पर फिर उठे सवाल, प्रकाश आंबेडकर ने भंडारा गोंदिया उपचुनाव के दौरान छेड़छाड़ की जताई आशंका

मुंबई: देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद जहां एक बार फिर से ईवीएम मशीन को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं, तो वहीं, भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने मई 2018 में महाराष्ट्र के 
href="https://khabar.ndtv.com/news/india/re-polling-begins-on-123-centers-govt-banks-on-strike-5-big-news-1859680" style="-webkit-tap-highlight-color: transparent; background-color: white; box-sizing: border-box; color: #2196f3; cursor: pointer; font-family: -apple-system, Arial, Helvetica; font-size: 18px; outline-offset: 0px; outline: none; transition: all 400ms linear 0ms;" target="_blank">भंडारा गोंदिया में हुए उपचुनाव के कुछ तथ्यों को सामने रखकर ईवीएम मशीन पर सवाल उठाए हैं. इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में बैलट पेपर से चुनाव करवाने की मांग की है. 

2014 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पटोले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल को शिकस्त दी थी. भाजपा में रहने के दौरान पटोले ने किसानों की समस्याओं के मुद्दे पर खुलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व भाजपा की आलोचना की थी और कहा था कि यह सभी चुनाव से पहले किए गए वादों से पलट गए हैं. पटोले ने कहा कि वह बतौत कांग्रेस उम्मीदवार अगले लोकसभा चुनाव में उसी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं. 

इसी साल मई 2018 में महाराष्ट्र के भंडारा गोंदिया में हुए लोकसभा उपचुनाव के कागज़ात को मीडिया के सामने पेश करते हुए भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने ईवीएम से होने वाले चुनाव पर एक बार फिर से सवाल उठाया. मीडिया के सामने चुनाव रिपोर्ट को पेश करते हुए प्रकाश आंबेडकर ने आरोप लगाया कि इस उपचुनाव के दौरान सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच भंडारा गोंदिया सीट पर जहां 38.65 फीसदी मतदान हुआ था, वहीं आखरी के एक घंटे में इसमें 14.50 फीसदी मतदान की बढ़ोतरी हुई और इस लोकसभा सीट पर कुल मतदान 53.15 फीसदी रहा. इनके अनुसार आखिरी  एक घंटे में वोटों में इतनी बड़ी वृद्धि नहीं हो सकती.

करीब 48 हज़ार वोटों से भंडारा गोंदिया लोकसभा उपचुनाव को जीतने वाली एनसीपी भी मानती है कि अगर ईवीएम में गड़बड़ियां नहीं हुई होती तो वो और भी ज़्यादा अंतर से जीतते. साथ ही एनसीपी ने भी भविष्य में बैलट पेपर से चुनाव करवाने की मांग की. हालांकि एनडीटीवी को जवाब देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर एक घंटे में 240 वोट डाले जा सकते हैं. वीवीपैट से पहले 300 वोट डाले जा सकते थे. हालांकि किसी भी मशीन का सटीक गणित उपलब्ध नहीं है.
चुनाव आयोग भले ही सारे आरोपों को खारिज कर है हो, लेकिन जिस तरह से हाल ही में ईवीएम पर विपक्ष ने आक्रामकता दिखाई है, भविष्य में भी विपक्ष चुनाव आयोग पर ऐसे आरोप दोबारा से लगा सकती है.

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