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Friday, 14 December 2018

क्या मायावती को घेरने की तैयारी कर रही बीजेपी?

बीएसपी प्रमुख मायावती को उनके गढ़ में ही घेरा जा रहा है. एक तरफ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में कांग्रेस के साथ समझौते को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है तो अब उत्तर प्रदेश में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. पिछले साल सहारनपुर में हुई हिंसा के आरोपी और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून एनएसए के तहत जेल में बंद भीम सेना के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की समय से पहले रिहाई इसी की ओर इशारा कर रही है. चंद्रशेखर की रिहाई कल देर रात की गई. यूपी सरकार की ओर से कहा गया कि उनकी मां की अपील के बाद यह फैसला किया गया. लेकिन हकीकत यह भी है कि लंबे समय से उनकी रिहाई की मांग की जा रही थी. इसके लिए कई दलित संगठन सक्रिय थे. वैसे तो इसे बीजेपी का सियासी दांव माना जा रहा है. पर रिहाई के बाद चंद्रशेखर ने कहा कि 2019 में बीजेपी को जड़ से उखाड़ फेंक दिया जाएगा.
चंद्रशेखर की रिहाई के कई सियासी पहलू हैं. सबसे बड़ा तो मायावती से जुड़ा है. पिछले साल सहारनपुर में राजपूत-दलितों के संघर्ष के बाद भीम सेना सुर्खियो में आई. इस इलाके की बड़ी दलित आबादी पारंपरिक रूप से बीएसपी की समर्थक रही है. लेकिन भीम सेना के उदय के साथ ही चंद्रशेखर तेज़ी से बीएसपी के कोर वोट बैंक यानी जाटवों में मशहूर हो गए. अपना जनाधार खिसकता देख मायावती भी सक्रिय हुईं और उन्होंने सहारनपुर का दौरा भी किया था. वहां यह कहने से नहीं चूकीं कि किसी संगठन के बजाए बीएसपी के झंडे तले कार्यक्रम करना चाहिए ताकि उसे रोकने की किसी की हिम्मत न हो. जाहिर है, मायावती को भीम सेना की बढ़ती ताकत का एहसास हुआ. दिल्ली के जंतर मंतर पर भीम सेना की ताकत को देखकर भी कई राजनीतिक दल चौकन्ने हो चुके हैं. मायावती भीम सेना को बीजेपी-आरएसएस की साजिश बताने से भी नहीं चूकीं.



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