Breaking

Thursday, 13 December 2018

किसानों का 4 लाख करोड़ रु. का कर्ज माफ करने की तैयारी


किसानों का 4 लाख करोड़ रु. का कर्ज माफ करने की तैयारी

 राज एक्सप्रेस, नई दिल्ली। योजना के तहत केंद्र सरकार किसानों का 4 लाख करोड़ रुपए (Farmers Debt Waiving) का लोन माफ कर सकती है। यदि ऐसा होता है, तो ये किसी भी सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली यह सबसे बड़ी राहत होगी। अपने मजबूत जनाधार वाले राज्यों में हार के बाद केन्द्र की केंद्र सरकार जल्द बड़ा ऐलान कर सकती है।

हालिया विधानसभा चुनावों में हार से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। यही वजह है कि, आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा सरकार कोई ऐसी घोषणा कर सकती है, जिससे वह अपना खोया हुआ जनाधार फिर से वापस पा सके? अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, केन्द्र सरकार 2019 चुनाव से पहले किसानों का 4 लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर सकती है! मजबूत जनाधार वाले राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हार के बाद मोदी सरकार किसानों की कर्ज माफी का फैसला कर सकती है। बता दें कि, इन राज्यों में अभी कमाई का मुख्य आधार खेती ही है। इसके अलावा हालिया चुनावों में भाजपा की हार का कारण भी किसानों की नाराजगी को ही माना जा रहा है।


केंद्र सरकार जल्द ही इस दिशा में काम शुरु कर देगी। सरकार अपनी इस योजना के तहत देश के 2.63 करोड़ किसानों का कर्ज माफ कर सकती है। 2019 लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। ऐसे में किसानों की कर्ज माफी जैसी बड़ी घोषणा कर सरकार मतदाताओं की बड़ी संख्या को अपनी ओर खींचने की योजना बना रही है। कर्ज माफी के साथ ही सरकार फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी का भी ऐलान कर सकती है। कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी का कहना है कि ‘लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और सरकार ने किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए कुछ नहीं किया है, इसलिए अब केंद्र सरकार किसानों को कर्ज माफी जैसी लुभावनी योजना लाने जा रहे हैं।’


सरकार के सूत्रों के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत सरकार किसानों का 4 लाख करोड़ रुपए का लोन माफ कर सकती है। बता दें कि, यदि ऐसा होता है तो ये किसी भी सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली यह सबसे बड़ी राहत होगी। उल्लेखनीय है कि, साल 2008 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने भी किसानों का 72 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया था। जिससे यूपीए सरकार साल 2009 के लोकसभा चुनावों में ज्यादा बहुमत के साथ सत्ता में वापस आयी थी।

हालांकि सरकार का यह ऐलान देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान भी पहुंचा सकता है। दरअसल मोदी सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफी के ऐलान से देश का राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है। बता दें कि, देश का राजकोषीय घाटा कुल जीडीपी के 3 से अधिक हो चुका है, जो कि अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक बात है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने राजकोषीय घाटा कुल जीडीपी के 3.3 या 6.24 लाख करोड़ रुपए तक सीमित रखने की योजना बनायी थी, लेकिन बिना किसानों की कर्ज माफी के ऐलान के बावजूद कुछ क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने, देश का राजकोषीय घाटा कुल जीडीपी के 3.5 यानि कि 6.67 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की बात कही है। hi

No comments:

Post a Comment